वा सहकारी समिति चांगोटोला विकासखंड बालाघाट एवं सेवा सहकारी समिति कोसते विकासखंड वारासिवनी में आयोजित वार्षिक आमसभाओं में कृषि विभाग के अधिकारियों ने उपस्थित कृषकों को विभागीय योजनाओं एवं कृषि गतिविधियों की जानकारी दी।
इस दौरान वर्तमान में धान की फसल में दिखाई दे रहे कीट एवं रोगों से बचाव के उपायों के साथ आगामी रबी सीजन में फसल विविधीकरण और उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए किसानों को प्रेरित किया गया।चांगोटोला में आयोजित आमसभा में किसानों को वर्तमान समय में धान की फसल में लगने वाले भूरा माहू (BPH), बैक्टीरियल लीफ ब्लाइट (BLB), तना छेदक एवं ब्लास्ट जैसी समस्याओं के संबंध में जानकारी दी गई।
फसल को नुकसान से बचाने के लिए जैविक एवं प्राकृतिक कीटनाशकों के उपयोग तथा आवश्यकतानुसार उचित फसल प्रबंधन अपनाने की सलाह दी गई।
किसानों से कहा गया कि वे खेतों का नियमित निरीक्षण करें और कीट-व्याधि के प्रारंभिक लक्षण दिखाई देने पर समय रहते नियंत्रण के उपाय अपनाएं।कृषकों को धान की उन्नत एवं रोग प्रतिरोधक किस्मों JR-206 एवं JR-21 का बीज सुरक्षित रखने तथा स्वयं के खेत से गुणवत्तापूर्ण बीज बचाकर आगामी वर्षों में उपयोग करने की सलाह भी दी गई।
इसी तरह कोसते में आयोजित आमसभा में विभाग द्वारा प्रदाय की जाने वाली धान की रोग प्रतिरोधक किस्मों JR-21, JR-81 एवं JR-10 को सुरक्षित रखकर भविष्य में बीज के रूप में उपयोग करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया गया।
DSR और रोपा पद्धति की तुलनात्मक जानकारी
आमसभा में किसानों को DSR (डायरेक्ट सीडेड राइस) एवं रोपा पद्धति से धान की खेती के बीच तुलनात्मक जानकारी दी गई। साथ ही स्टेप सीडर एवं सुपर सीडर जैसे कृषि यंत्रों से धान की बोनी करने के लाभ बताए गए। किसानों को बताया गया कि आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग से खेती की लागत एवं श्रम की बचत के साथ समय पर कृषि कार्य पूरा करने में सहायता मिलती है। कृषि यंत्रों की खरीदी पर शासन द्वारा दिए जाने वाले अनुदान की योजनाओं की जानकारी भी किसानों को दी गई।
रबी में फसल चक्र अपनाने की सलाह
कृषकों को आगामी रबी मौसम में गेहूं, चना, सरसों एवं अलसी सहित अन्य रबी फसलों का क्षेत्र विस्तार करने तथा फसल चक्र अपनाने की सलाह दी गई। कृषि अधिकारियों ने बताया कि धान के बाद उपयुक्त रबी फसलों को शामिल करने से खेतों में फसल विविधता बढ़ती है और किसानों को अपनी आय के विभिन्न स्रोत विकसित करने का अवसर मिलता है।वार्षिक आमसभाओं में किसानों ने कृषि विभाग की योजनाओं, फसल प्रबंधन, उन्नत बीज, कृषि यंत्रों पर मिलने वाले अनुदान तथा आगामी रबी सीजन से संबंधित जानकारी प्राप्त की। विभागीय अधिकारियों ने किसानों से वैज्ञानिक एवं संतुलित कृषि पद्धतियों को अपनाने तथा फसल की नियमित निगरानी करने का आग्रह किया।


