खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा के उपार्जन के लिए किसानों का पंजीयन जिले में जारी है। किसान निर्धारित पंजीयन केन्द्रों पर जाकर 10 अक्टूबर तक अपना पंजीयन करा सकते हैं। शासन द्वारा किसानों की सुविधा के लिए सहकारी समितियों के माध्यम से संचालित पंजीयन केन्द्रों पर निःशुल्क पंजीयन की व्यवस्था की गई है। वहीं एमपी ऑनलाइन एवं सीएससी सेंटरों पर निर्धारित शुल्क के साथ पंजीयन कराया जा सकता है।
जिले में निर्धारित कुल 14 पंजीयन केन्द्रों के माध्यम से किसानों का पंजीयन किया जा रहा है। इनमें विदिशा में 3, बासौदा में 2 तथा त्योंदा, सिरोंज, कुरवाई, पठारी, लटेरी, नटेरन, शमशाबाद, ग्यारसपुर एवं गुलाबगंज में क्रमशः एक-एक पंजीयन केन्द्र निर्धारित हैं।
जिले में अब तक 352 किसानों द्वारा पंजीयन कराया जा चुका है। पंजीकृत किसानों में 345 किसान धान, एक किसान बाजरा तथा 8 किसान ज्वार के लिए पंजीकृत हुए हैं।
विदिशा तहसील में सर्वाधिक 119 किसानों का पंजीयन
प्राप्त जानकारी के अनुसार विदिशा तहसील में सर्वाधिक 119 किसानों ने पंजीयन कराया है। इनमें 118 किसान धान तथा एक किसान बाजरा के लिए पंजीकृत है। बासौदा तहसील में 102 किसान पंजीकृत हुए हैं, जिनमें 100 धान तथा 2 ज्वार के लिए हैं। गुलाबगंज में 34 तथा पठारी में 29 किसानों ने पंजीयन कराया है।
इसी प्रकार नटेरन में 15, कुरवाई में 15, शमशाबाद में 13, त्योंदा में 10, विदिशा नगर में 9, ग्यारसपुर में 5 तथा सिरोंज में 2 किसानों ने अब तक पंजीयन कराया है। तहसीलवार पंजीयन में धान की संख्या 345, बाजरा की 1 तथा ज्वार की 8 है।
निःशुल्क पंजीयन की सुविधा उपलब्ध
किसानों की सुविधा के लिए ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत एवं तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्रों तथा सहकारी समितियों और सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्रों पर निःशुल्क पंजीयन कराया जा सकता है। एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केन्द्र तथा निजी साइबर कैफे के माध्यम से भी पंजीयन की सुविधा उपलब्ध है, जहां निर्धारित शुल्क लिया जा सकता है। शासन के निर्देशानुसार प्रति पंजीयन 50 रुपये से अधिक शुल्क नहीं लिया जा सकता।
पंजीयन के दौरान किसान के भूमि संबंधी दस्तावेज, आधार कार्ड एवं अन्य फोटो पहचान संबंधी दस्तावेजों का परीक्षण किया जाएगा। पंजीयन एवं फसल विक्रय के लिए आधार नंबर का सत्यापन अनिवार्य रहेगा। यह सत्यापन आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी अथवा बायोमेट्रिक माध्यम से किया जा सकेगा। भू-अभिलेख में दर्ज नाम और आधार कार्ड के नाम में अंतर होने की स्थिति में तहसील कार्यालय से सत्यापन कराया जाएगा।
आधार लिंक बैंक खाते की जानकारी रखें अपडेट
किसानों को पंजीयन के समय बैंक खाता नंबर एवं आईएफएससी कोड की जानकारी उपलब्ध करानी होगी। उपार्जित फसल की राशि प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में भुगतान की जाएगी। इसलिए किसान अपने बैंक खाते एवं मोबाइल नंबर को आधार से लिंक कराकर अद्यतन रखें।
जिला प्रशासन ने जिले के ऐसे सभी किसान बंधुओं से अपील की है, जिन्होंने अभी तक खरीफ फसल के उपार्जन के लिए पंजीयन नहीं कराया है, वे अंतिम तिथि शनिवार 10 अक्टूबर से पूर्व अनिवार्य रूप से अपना पंजीयन करा लें, ताकि समर्थन मूल्य पर अपनी उपज का विक्रय करने के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

