चौथा वलय केरवा का है, फ़रवरी वाले पाँच का जुड़वाँ नहीं। 16 अप्रैल 2025। जगह: हलाली डेम वन क्षेत्र। स्रोत: गिद्ध संरक्षण एवं प्रजनन सेंटर, केरवा। संख्या: छह। दो सफेद पीठ वाले गिद्ध। चार लंबी चोंच वाले। गूँज सातवाँ नहीं जोड़ती।
टैग शीट का: ऑर्निट्रैक-25, सौर ऊर्जा, जीपीएस-जीएसएम। प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य-जीव श्री शुभरंजन सेन: आवागमन और आवास उपयोग की निगरानी। योगदान: डायरेक्टर टेक फॉर कंजर्वेशन श्री जी. अरेन्द्रन, विश्व प्रकृति निधि भारत। हलाली के आसपास की बस्तियों में पर्चें—घायल या नुकसान पर वन विभाग को सूचना।
जो पहला समूह है, जो पाँच नहीं
यह केंद्र से छोड़ा गया पहला समूह है—विज्ञप्ति। 23 फ़रवरी 2026 की दूसरी शीट अलग काट है। उपस्थित: अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य-जीव श्री एल. कृष्णमूर्ति; संचालक वन विहार श्री मीना अवधेश कुमार शिव कुमार; सहायक संचालक श्री संदेश माहेश्वरी; बीएनएचएस मुंबई; उप संचालक डॉ. सुजीत नरवड़े; डॉ. सरवन सिंह राठौर; डॉ. सेमसन; केरवा केंद्र श्री संजय परिहार; डब्ल्यूडब्ल्यूएफ श्रीमती संगीता सक्सेना, श्री अजय मिश्रा; रायसेन वन मण्डल। चित्र मुक्त का फ्रेम है।
मुख्य बातें
- छह मुक्त की पंक्ति है; 23 फ़रवरी 2026 के पाँच इस शीट में नहीं।
- ऑर्निट्रैक-25 टैग शीट का यंत्र है; उड़ान का लाइव मैप नहीं।
- चित्र मुक्त का फ्रेम है; केरवा का हर पिंजरा इस कोण में नहीं।
स्रोत और संदर्भ
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 18 सितंबर 2026।



