आठवीं शीट लोहे की है, स्टिक की नहीं। 9 जुलाई। जगह: सारंगपुर, राजगढ़। कंपनी: एमपी ट्रांसको। मशीन: 20 एमवीए। निर्माता: एनजीईएफ। साल: 1976। गरमागरम इसे नया प्लांट नहीं लिखती।

पहली ऊर्जीकृत उसी वर्ष। सेवा 50 वर्ष। मानक: सामान्य उपयोगी आयु लगभग 25। दोगुनी सेवा—शीट की उपलब्धि। मंत्री श्री तोमर: लोहा-तांबा-तेल नहीं, अभियंताओं की प्रतिबद्धता।

जो 20 मशीनें बाकी हैं

एनजीईएफ: कर्नाटक सरकार, बेंगलुरु, 1956; एईजी जर्मनी का तकनीकी सहयोग; लगभग 46 वर्ष निर्माण; 2002 में बंद। रखरखाव: नियमित परीक्षण, मेंटेनेंस, संतुलित लोड, वितरण फीडर।

नेटवर्क में अभी एनजीईएफ के 20 क्रियाशील। टुकड़े: एक 160 एमवीए, पाँच 40, चौदह 20। सेवा 30 से 50 वर्ष। चित्र विज्ञप्ति का फ्रेम है। गरमागरम 20 यार्ड इस कोण में नहीं खोलती।

मुख्य बातें

  • 50 वर्ष सारंगपुर के इस 20 एमवीए की पंक्ति है, पूरे ग्रिड की औसत नहीं।
  • सामान्य आयु लगभग 25 वर्ष मानक की पंक्ति है, गारंटी पत्र नहीं।
  • 20 एनजीईएफ मशीनें नेटवर्क की अलग गिनती हैं, एक यार्ड की नहीं।

स्रोत और संदर्भ

  1. मध्य प्रदेश जनसंपर्क · 50 वर्षों से प्रदेश की धड़कन: समय को मात देने वाला सारंगपुर का स्वदेशी पॉवर ट्रांसफार्मर ↗9 जुलाई 2026

सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 18 सितंबर 2026।

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