यशवंत सागर के पास खेत में खड़े सारस की तस्वीर बताती है कि पक्षी का संसार पानी की सीमा पर खत्म नहीं होता। इंदौर के इस जलाशय में खुले पानी के साथ उथले हिस्से, निकलते टापू और आसपास की खेती भी आवास का हिस्सा हैं। पानी घटने-बढ़ने पर पक्षियों के लिए मिलने वाली जगह बदलती है।

गंभीर नदी पर बने यशवंत सागर का रामसर क्षेत्र 822.90 हेक्टेयर दर्ज है। केंद्र सरकार ने अगस्त 2022 में इसे अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों में शामिल किए जाने की घोषणा की थी। आधिकारिक सूची में नामांकन तारीख 7 जनवरी 2022 है। जलाशय का संबंध इंदौर की पानी की जरूरत, सिंचाई और मत्स्य पालन से रहा है।

सारस को पानी के साथ जमीन भी चाहिए

पर्यावरण मंत्रालय का विवरण यशवंत सागर को मध्य भारत में सारस का महत्वपूर्ण ठिकाना बताता है। पीछे हटते पानी से बने उथले क्षेत्र और द्वीप अलग जलपक्षियों को भोजन और विश्राम की जगह देते हैं। खुले पानी के अलावा किनारे की बनावट यहां की खासियत है।

रामसर नामांकन अभिलेख में 239 पक्षी और 39 मछली प्रजातियों का उल्लेख है। यह संकलित जैव-विविधता रिकॉर्ड है, सितंबर 2026 की नई गणना नहीं। अलग मौसम में आने वाले पक्षी और सालभर रह सकने वाले जीव इस सूची में साथ हो सकते हैं।

जलग्रहण से क्या आता है

खेती वाले जलग्रहण से आने वाला पानी जलाशय को भरता है। इसी बहाव के साथ मिट्टी और कृषि में इस्तेमाल पदार्थ भी पहुंच सकते हैं। रामसर दस्तावेज ने कृषि अपवाह, घरेलू सीवेज, जल प्रबंधन और मत्स्य उपयोग को दर्ज दबावों में रखा है। जलकुंभी जैसी बाहर से आई वनस्पति की मौजूदगी भी उसमें बताई गई है।

ये दबाव नामांकन के समय की स्थिति के रूप में पढ़ने चाहिए। उनसे वर्तमान जल-गुणवत्ता या किसी पूरे हो चुके सुधार का निष्कर्ष नहीं निकलता। मगर वे यह समझाते हैं कि पानी की मात्रा और उसके साथ आने वाले पदार्थ, दोनों की निगरानी क्यों जरूरी है।

यशवंत सागर की रोजमर्रा की भूमिका और उसका पक्षी आवास एक ही पानी पर निर्भर हैं। शहर और खेत को मिलने वाले पानी का समय, जलाशय में बची उथली जगह और आसपास के खेतों का उपयोग—इन सबको साथ रखने पर इस रामसर स्थल का महत्व खुलता है।

मुख्य बातें

  • रामसर सूची में यशवंत सागर का क्षेत्र 822.90 हेक्टेयर है।
  • नामांकन अभिलेख में 239 पक्षी और 39 मछली प्रजातियों का उल्लेख है।
  • जलस्तर, कृषि अपवाह और जलकुंभी जैसे दबाव भी उसी दस्तावेज में दर्ज हैं।

स्रोत और संदर्भ

  1. Ramsar / मध्यप्रदेश राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण · Yashwant Sagar: Ramsar Information Sheet ↗31 अक्टूबर 2022
  2. पर्यावरण मंत्रालय / PIB · India adds 11 more wetlands to the list of Ramsar sites ↗13 अगस्त 2022

सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 15 सितंबर 2026।

यह खबर शेयर करें